३५ वर्षों की समर्पित शैक्षणिक सेवा को कृतज्ञ अभिवादन; श्री. गो.से. हाईस्कूल में शरद माथूरवैश्य सर का भावपूर्ण सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह संपन्न

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पाचोरा : पाचोरा तालुका सहकारी शिक्षण संस्था की शैक्षणिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण और भावनात्मक क्षण मंगलवार, 30 जून को देखने को मिला। संस्था संचालित श्री. गो.से. हाईस्कूल, पाचोरा में न्यूनतम कौशल विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक शरद माथूरवैश्य सर के सेवानिवृत्ति उपलक्ष्य में आयोजित सम्मान समारोह अत्यंत उत्साहपूर्ण, गरिमामय और स्मरणीय वातावरण में संपन्न हुआ। लगभग 35 वर्षों की दीर्घ सेवा के दौरान हजारों विद्यार्थियों के जीवन को दिशा देने वाले, संस्था की शैक्षणिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले तथा आदर्श शिक्षक के रूप में पहचान बनाने वाले शरद माथूरवैश्य सर के कार्यों का इस अवसर पर विशेष सम्मान किया गया। शिक्षक को समाज का शिल्पकार माना जाता है। विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसी जिम्मेदारी का पूर्णतः निर्वहन करते हुए शरद माथूरवैश्य सर ने अपने संपूर्ण सेवाकाल में विद्यार्थियों में ज्ञान, कौशल, अनुशासन, संस्कार और आत्मविश्वास का विकास किया। उनके अध्यापन की निरंतरता, विद्यार्थियों के प्रति आत्मीयता, सहकर्मियों के साथ मधुर संबंध तथा संस्था के विकास हेतु किए गए अथक प्रयासों के कारण उन्होंने एक विशिष्ट पहचान स्थापित की। इसी वजह से उनका सेवानिवृत्ति समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न रहकर संपूर्ण श्री. गो.से. हाईस्कूल परिवार के लिए गौरव और भावनाओं से भरा अवसर बन गया। इस कार्यक्रम में पाचोरा तालुका सहकारी शिक्षण संस्था के चेयरमैन नानासाहेब संजय वाघ के हस्तों शरद माथूरवैश्य सर एवं उनकी धर्मपत्नी का शॉल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा परिजनों ने तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उनके योगदान को नमन किया। तीन दशकों से अधिक समय तक संस्था के विभिन्न उपक्रमों में निभाई गई उनकी भूमिका, विद्यार्थियों के लिए किए गए प्रयास तथा शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान की सभी ने मुक्तकंठ से सराहना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय समिति के चेयरमैन खलील देशमुख ने की। प्रमुख अतिथि के रूप में तकनीकी विभाग के चेयरमैन वासुदेव महाजन, संस्था के वरिष्ठ संचालक सतीश चौधरी, योगेश पाटील, भागवत महालपुरे सर, डॉ. जयवंत पाटील, विद्यालय के पूर्व मुख्याध्यापक एस. एम. जाधव सर, एस. एच. पवार सर, एस. डी. पाटील सर, पी. एम. वाघ मैडम, पूर्व पर्यवेक्षक शांताराम चौधरी सर, एस. एन. पाटील सर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। उनकी उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई। प्रस्तावना में मुख्याध्यापक एन. आर. ठाकरे सर ने शरद माथूरवैश्य सर के संपूर्ण सेवायात्रा का परिचय देते हुए उनके कार्यों का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अध्यापन के साथ-साथ विद्यालय के विविध शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं कौशल विकास कार्यक्रमों में भी उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं और संस्था की प्रगति में उल्लेखनीय योगदान दिया। विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करने तथा उनमें आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने के लिए किए गए उनके प्रयासों की विशेष सराहना की गई। इस अवसर पर पाचोरा तालुका सहकारी शिक्षण संस्था के चेयरमैन नानासाहेब संजय वाघ ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी संस्था की वास्तविक शक्ति उसके शिक्षक होते हैं। अनेक पीढ़ियों को गढ़ने वाले शिक्षक ही किसी संस्था को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाते हैं। शरद माथूरवैश्य सर ने अपने लंबे सेवाकाल में निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण जैसे मूल्यों का पालन करते हुए संस्था का विश्वास अर्जित किया है। उनका कार्य आने वाली पीढ़ियों के शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। अध्यक्षीय भाषण में खलील देशमुख ने शरद माथूरवैश्य सर के शैक्षणिक योगदान की सराहना करते हुए विद्यार्थियों के प्रति उनके प्रेम, अनुशासनप्रियता और कार्यनिष्ठा का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने उनके स्वस्थ, सुखद और संतोषपूर्ण सेवानिवृत्ति जीवन की शुभकामनाएँ भी व्यक्त कीं। अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचारों के माध्यम से शरद माथूरवैश्य सर के व्यक्तित्व के विविध पहलुओं को उजागर किया। उनके सरल स्वभाव, संयमित व्यक्तित्व, सहयोगी वृत्ति तथा संस्था के प्रति समर्पण की सभी ने प्रशंसा की। इस अवसर पर उपमुख्याध्यापक आर. एल. पाटील सर, पर्यवेक्षिका ए. आर. गोहिल मैडम, आर. बी. बांठिया सर, एम. टी. कौडिण्य सर, न्यूनतम कौशल विभाग के प्रमुख मनीष बाविस्कर सर, क्रीड़ा प्रमुख एस. पी. करंदे सर, कार्यालय प्रमुख अजय सिनकर तथा शरद माथूरवैश्य सर के मित्र, रिश्तेदार, परिजन, शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। सभी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को आत्मीयता और पारिवारिक सौहार्द का स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान अनेक वक्ताओं ने शरद माथूरवैश्य सर से जुड़ी स्मृतियों को साझा किया। उनके मार्गदर्शन में शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के अनुभव, सहकर्मियों के साथ उनके संबंध तथा संस्था की प्रगति के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख होते ही वातावरण भावुक हो गया। वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों के हृदय में उन्होंने जो स्थान बनाया और सहकर्मियों के बीच जो सम्मान अर्जित किया, वही उनके जीवनकार्य की सबसे बड़ी उपलब्धि है। पाचोरा तालुका सहकारी शिक्षण संस्था और श्री. गो.से. हाईस्कूल परिवार द्वारा आयोजित यह सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह शिक्षकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और आत्मीयता का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया। संस्था के विकास में योगदान देने वाले प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान करने की समृद्ध परंपरा इस अवसर पर पुनः उजागर हुई। शरद माथूरवैश्य सर द्वारा स्थापित आदर्श, विद्यार्थियों के मन में रोपे गए संस्कार तथा संस्था के प्रति उनकी निष्ठा आने वाले वर्षों तक प्रेरणा देती रहेगी। कार्यक्रम का शुभारंभ सागर थोरात द्वारा प्रस्तुत ईश वंदना से हुआ। कार्यक्रम का संचालन सांस्कृतिक विभाग प्रमुख आर. बी. बोरसे सर ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन एम. एन. देसले सर ने व्यक्त किया। सम्मान, कृतज्ञता, आत्मीयता और भावनाओं से परिपूर्ण इस समारोह ने उपस्थित सभी लोगों के मन पर अविस्मरणीय छाप छोड़ दी।

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