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आज पाचोरा में श्रीजगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव : ISKCON द्वारा भव्य आयोजन, ५६ भोग और महाआरती से भक्तिमय माहौल

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पाचोरा, २९ जून २०२५ (प्रतिनिधि) : पाचोरा में आज दिनभर ‘हरे कृष्ण’ के गगनभेदी जयघोष से वातावरण भक्तिमय होने जा रहा है। अन्तरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (ISKCON) की पाचोरा शाखा द्वारा आज श्रीजगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया है, जिसमें शहर के श्रद्धालु, भक्तजन और ISKCON परिवार के सदस्य उत्साह से भाग लेने के लिए तैयार हैं। यह कार्यक्रम संस्थापकाचार्य कृष्णकृपामूर्ति श्री श्रीमद ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद की प्रेरणा से पारंपरिक और भक्तिपूर्ण ढंग से मनाया जा रहा है। आज रविवार, २९ जून २०२५ को दोपहर ४ बजे रथयात्रा का शुभारंभ होगा और पूरा पाचोरा शहर भक्ति की रसधारा में डूबा नजर आएगा। दोपहर में मंदिर परिसर से रथयात्रा का शुभारंभ होगा, जिसकी तैयारियां कल ही पूरी कर ली गई हैं। सुंदर पुष्प सज्जा, पारंपरिक रंगोली, रंगीन पताकाएं और धार्मिक सजावट से ISKCON मंदिर का परिसर सजाया गया है। भगवान श्रीजगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा देवी की मूर्तियों का विशेष पूजन कर उन्हें रथ पर विराजमान किया जाएगा और ‘हरे कृष्ण’ की ध्वनि के बीच रथयात्रा प्रारंभ होगी। रथ को मंदिर परिसर में घुमाया जाएगा और श्रद्धालु इसे खींचने का पुण्य लाभ लेंगे। पुरुष, महिलाएं, बच्चे और युवा भारी संख्या में उपस्थित रहेंगे तथा शहर की विभिन्न मंडलियों और भक्त परिवारों ने अपनी सेवा के लिए कमर कस ली है। रथयात्रा के उपरांत शाम ७ बजे मंदिर परिसर में एक भव्य और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं के लिए विशेष आयोजन किया गया है। ५६ भोग अर्पण समारोह : परंपरा अनुसार भगवान श्रीजगन्नाथ को ५६ प्रकार के विविध व्यंजन अर्पित किए जाएंगे। इनमें मोदक, पूरनपोली, खीर, चावल-सब्जी, मिठाई, हलवा, शीरा, उपवास के पदार्थ आदि शामिल हैं, जिन्हें भक्तों ने प्रेम और भक्ति से स्वयं तैयार किया है। महाप्रसाद वितरण : सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की सुंदर व्यवस्था की गई है और आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे संयम और भक्ति से इसका लाभ लें। श्रृंगार दर्शन : विशेष श्रृंगार में भगवान श्रीजगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा देवी के दिव्य दर्शन सभी श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे। फूलों की सजावट, दिव्य रोशनी और मंत्रोच्चार के साथ यह दर्शन अत्यंत आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम : ISKCON के युवा भक्तों द्वारा भजन, नृत्य, कृष्णलीला और गोविंदा नाट्य प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनके माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंग जीवंत रूप में श्रद्धालुओं के समक्ष आएंगे। महाआरती : रात्रि में महाआरती का आयोजन होगा। दीपमालाओं की रोशनी, शंखध्वनि, मृदंग और ताल की गूंज में प्रभु चरणों में आरती अर्पित की जाएगी, जो श्रद्धालुओं के हृदय में चिरस्थायी प्रभाव छोड़ेगी। मंदिर परिसर में उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी की सुविधा, शौचालय, महिलाओं के लिए अलग व्यवस्था, प्रसाद वितरण की सुसंगठित पद्धति और यातायात व्यवस्था की गई है। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे भीड़ में संयम रखें, सेवा भाव से सहभागी बनें और कार्यक्रम का आनंद लें। इस वर्ष रथयात्रा का उत्सव और अधिक भव्य रूप में आयोजित किया गया है, जिससे पाचोरा तथा आस-पास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होने की संभावना है। इसी कारण ISKCON के कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं के स्वागत हेतु सेवा टोली तैनात की है। इस कार्यक्रम से संबंधित अधिक जानकारी एवं सहभाग हेतु इच्छुक श्रद्धालु निम्नलिखित संपर्क सूत्रों पर संपर्क कर सकते हैं : 94222 92337, 90288 12305। स्थान : श्रीजगन्नाथ मंदिर (ISKCON), वरखेडी रोड, पाचोरा। श्रीजगन्नाथ रथयात्रा केवल धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि भक्ति, सेवा, समर्पण और सामाजिक एकात्मता का महान आयोजन है। जगन्नाथ का अर्थ है ‘सभी का नाथ’। रथ को खींचना यानी अहंकार का त्याग कर प्रभु के मार्ग पर चलने का संकल्प। ISKCON संस्था द्वारा यह यात्रा पूरे विश्व में भक्ति का प्रतीक मानी जाती है। संस्थापकाचार्य श्री श्रीमद ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद ने दुनिया भर में ISKCON केंद्रों की स्थापना कर भगवद्गीता, भागवत पुराण और हरे कृष्ण महामंत्र का प्रचार-प्रसार किया। उनकी प्रेरणा से आज पाचोरा में भी हजारों भक्त इस आध्यात्मिक मार्ग से जुड़ते जा रहे हैं। आज सुबह ९:३० बजे से ही मंदिर परिसर में भक्तों का आगमन शुरू हो गया है। कुछ भक्त रंगोली बना रहे हैं, कुछ फूलों की सजावट में लगे हैं, तो कुछ मृदंग, ताल और कीर्तन की मधुर ध्वनि में वातावरण को गुंजायमान कर रहे हैं। छोटे बच्चे राधा-कृष्ण की पोशाक में सजकर रथयात्रा की शोभा बढ़ा रहे हैं, महिलाएं टाल-डिंडी के साथ उपस्थित हैं, और युवा वर्ग नृत्य प्रस्तुतियों की तैयारी में हैं। कुछ भक्तों ने कहा कि यह यात्रा केवल परंपरा नहीं, आत्मिक आनंद की अनुभूति है। अनेक श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर सेवा, स्वच्छता और अन्नदान में सहभाग लिया है। कुछ वरिष्ठ नागरिकों ने रथ की सजावट में योगदान दिया है। आज का पूरा दिन ISKCON पाचोरा मंदिर परिसर में भक्ति रस से सराबोर रहेगा। रथयात्रा से लेकर महाआरती तक हर क्षण भक्ति, सेवा और प्रभु चरणों में समर्पण का प्रतीक बनेगा। पाचोरा शहर के नागरिकों और समस्त श्रद्धालुओं से विनम्र अनुरोध है कि वे इस दिव्य उत्सव में अवश्य सहभागी बनें और ‘हरे कृष्ण’ महामंत्र के साथ अपने जीवन में आध्यात्मिक जागरूकता लाएं। हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे

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