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पाचोरा – फरीदाबाद के ऐतिहासिक सूरजकुंड मेला ग्राउंड में गुर्जर समाज की कला, संस्कृति और परंपराओं को समर्पित भव्य गुर्जर महोत्सव का आयोजन आगामी 12, 13 एवं 14 दिसंबर 2025 को किया जा रहा है। गुर्जर आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस महोत्सव के अंतर्गत इस वर्ष समाज के तीन उत्कृष्ट चित्रकारों को ‘गुर्जर कला रत्न सम्मान 2025’ से सम्मानित किया जाएगा। इनमें विशेष रूप से महाराष्ट्र के पाचोरा से शीतल निशिकांत पाटील, राजस्थान से महेश गुर्जर तथा जम्मू एवं कश्मीर के पहलगांव से मुनीर अली खान गुर्जर का चयन किया गया है। ट्रस्ट के अध्यक्ष दिवाकर बिधूड़ी एवं कला प्रदर्शनी प्रमुख राजेश कुमार डेढ़ा ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुर्जर महोत्सव समाज की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने, कला प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है।
गुर्जर महोत्सव में हर वर्ष देश के विभिन्न राज्यों से चित्रकार, रंगोली कलाकार, शिल्पकार और लोक कलाकार अपनी-अपनी कलाकृतियों के साथ भाग लेते हैं। इनमें से कई कलाकार ऐसे हैं, जिन्होंने न केवल देशभर में बल्कि विदेशों में भी अपनी कला का प्रदर्शन कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त किया है। इस वर्ष के महोत्सव में हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, जम्मू एवं कश्मीर, गुजरात, उत्तराखंड सहित अनेक राज्यों से कलाकार भाग ले रहे हैं। कला प्रदर्शनी के माध्यम से समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोकजीवन, प्रकृति, सामाजिक संवेदनाएं और समसामयिक विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाएगा।
गुर्जर कला रत्न सम्मान 2025 के लिए चयनित कलाकारों में राजस्थान से महेश गुर्जर एक बहुआयामी कलाकार के रूप में पहचाने जाते हैं। वे चित्रकार होने के साथ-साथ शिक्षक भी हैं तथा नृत्य कला में भी निपुण माने जाते हैं। उनकी कलाकृतियों में भारतीय लोकसंस्कृति, सामाजिक यथार्थ और मानवीय भावनाओं का गहरा प्रतिबिंब देखने को मिलता है। उनकी कला ने विभिन्न प्रदर्शनियों में दर्शकों और कला समीक्षकों का ध्यान आकर्षित किया है।
महाराष्ट्र के पाचोरा से चयनित शीतल निशिकांत पाटील इस वर्ष की विशेष पहचान हैं। वे एक प्रख्यात रंगोली कलाकार हैं, जिनकी कला में रंगों का संतुलन, परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम देखने को मिलता है। महिलाओं की कला प्रतिभा को सम्मान और मंच देने के उद्देश्य से ट्रस्ट द्वारा विशेष रूप से एक महिला कलाकार का चयन किया गया है। शीतल पाटील की रंगोलियों में भारतीय संस्कृति, सामाजिक विषयों और सौंदर्यबोध का प्रभावी चित्रण होता है, जिसने उन्हें राज्य स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है।
जम्मू एवं कश्मीर के पहलगांव से चयनित मुनीर अली खान गुर्जर ऑयल पेंटिंग और पोर्ट्रेट आर्ट में दक्ष कलाकार हैं। उनकी कलाकृतियों में कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता, मानवीय संवेदनाएं और सामाजिक यथार्थ सजीव रूप में उभरकर सामने आते हैं। उन्होंने देश-विदेश की कई कला प्रदर्शनियों में भाग लेकर अपनी विशिष्ट शैली से कला प्रेमियों को प्रभावित किया है।
ट्रस्ट के अनुसार इन कलाकारों का चयन वरिष्ठता, कला के क्षेत्र में योगदान तथा राज्य प्रतिनिधित्व के आधार पर किया गया है। गुर्जर आर्ट एंड कल्चर ट्रस्ट समाज की उन्नति, विकास और सहयोग की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से निरंतर ऐसे आयोजन करता आ रहा है। ट्रस्ट का मानना है कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक अस्मिता और भावनात्मक अभिव्यक्ति का सशक्त साधन है।
गुर्जर महोत्सव के दौरान आयोजित कला प्रदर्शनी कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का व्यापक मंच प्रदान करेगी, वहीं विद्यार्थियों और युवाओं को कला के प्रति प्रेरित करने का भी महत्वपूर्ण कार्य करेगी। इस महोत्सव में समाज के गणमान्य नागरिकों, कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रहने की संभावना है।
कुल मिलाकर सूरजकुंड में आयोजित होने वाला गुर्जर महोत्सव 2025 केवल एक सांस्कृतिक आयोजन न होकर कला, परंपरा और सामाजिक एकता का सशक्त प्रतीक बनेगा। महाराष्ट्र के पाचोरा से शीतल निशिकांत पाटील सहित तीन राज्यों के कलाकारों को दिया जाने वाला ‘गुर्जर कला रत्न सम्मान 2025’ समाज के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगा और आने वाली पीढ़ियों को अपनी कला व सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देगा।
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