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पाचोरा के सुपुत्र प्रणव मोर की दैदिप्यमान उपलब्धि : सीए परीक्षा में अखिल भारतीय 12वीं रैंक, तालुका का बढ़ाया मान

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पाचोरा – शहर के रंगार गली क्षेत्र में रहने वाला मोर परिवार पंचक्रोशी में एक प्रतिष्ठित व्यापारी परिवार के रूप में जाना जाता है। व्यापार के साथ-साथ शिक्षा और बौद्धिक प्रगति को भी समान महत्व देने वाले इस परिवार ने समाज में एक अलग पहचान बनाई है। इसी परिवार के युवा प्रणव राजेश मोर ने देश की अत्यंत कठिन और प्रतिष्ठित मानी जाने वाली चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर पाचोरा तालुका का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। The Institute of Chartered Accountants of India (ICAI) द्वारा घोषित जनवरी 2026 के सीए फाइनल परीक्षा परिणाम में प्रणव मोर ने अखिल भारतीय स्तर पर 12वां स्थान प्राप्त किया है और यह उपलब्धि पूरे तालुके के लिए गर्व का विषय बन गई है। प्रणव मोर को इस परीक्षा में कुल 432 अंक प्राप्त हुए हैं और ICAI की Merit List (January 2026) में उनका नाम देश के शीर्ष विद्यार्थियों में शामिल हुआ है। चार्टर्ड अकाउंटेंट की परीक्षा देश की सबसे कठिन और अत्यंत प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। देशभर के लाखों विद्यार्थी इस परीक्षा के लिए प्रयास करते हैं, लेकिन बहुत कम विद्यार्थियों को ही इसमें सफलता मिलती है। ऐसे में अखिल भारतीय स्तर पर 12वां स्थान प्राप्त करना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायी घटना बन गई है। पाचोरा शहर के गोसे हाईस्कूल रोड क्षेत्र में दुर्गा ऑइल इंडस्ट्रीज के परिसर में निवास करने वाला यह परिवार स्वर्गीय बद्रीलालशेठ मोर के परिवार के रूप में जाना जाता है। इस परिवार ने वर्षों से ईमानदार व्यापार, सामाजिक जिम्मेदारी और शिक्षा को दिए गए महत्व के कारण समाज में प्रतिष्ठा प्राप्त की है। परिवार के प्रत्येक सदस्य ने शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति की है, जिसके कारण मोर परिवार आज अनेक युवाओं के लिए आदर्श बन गया है। प्रणव मोर के परिवार के सदस्यों की शैक्षणिक यात्रा भी अत्यंत प्रेरणादायी है। प्रणव के बड़े भाई आईटी इंजीनियर हैं और हैदराबाद में एक बड़े पैकेज पर नौकरी कर रहे हैं। इसी प्रकार प्रणव के परिवार में लकी मोर और लीना मोर दोनों भाई-बहन भी चार्टर्ड अकाउंटेंट बन चुके हैं। परिवार की एक और बहन दीप्ती मोर वर्तमान में पीएचडी की पढ़ाई कर रही हैं और उनका शोध कार्य पूरा हो चुका है। आने वाले कुछ महीनों में उन्हें आधिकारिक रूप से पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। इस प्रकार शिक्षा, ज्ञान और प्रगति की परंपरा मोर परिवार में निरंतर आगे बढ़ती हुई दिखाई देती है। प्रणव मोर की सफलता के पीछे एक भावनात्मक संघर्ष भी छिपा हुआ है। प्रणव के जीवन में एक बड़ी कमी उनके पिता के निधन से उत्पन्न हुई। पिता का साया खोने के बाद भी इस युवा ने परिस्थितियों के सामने हार नहीं मानी और अपने पिता द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की। पिता का सपना पूरा करने की दृढ़ इच्छा और परिवार के सदस्यों का मजबूत समर्थन प्रणव की सफलता के पीछे की सबसे बड़ी ताकत रही। प्रणव की माता ने भी बेटे की शिक्षा के लिए बहुत त्याग किया। परिवार के सभी सदस्यों ने मिलकर प्रणव की पढ़ाई को प्रोत्साहित किया। कठोर परिश्रम, निरंतर अध्ययन, अनुशासित जीवनशैली और लक्ष्य के प्रति अटूट समर्पण के कारण प्रणव इस सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचे। इस सफर में कई कठिनाइयाँ आईं, लेकिन दृढ़ निश्चय और लगन के बल पर उन्होंने हर चुनौती का सामना किया। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रणव मोर की यह सफलता अत्यंत प्रेरणादायी बन गई है। बड़े शहरों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों से प्रतिस्पर्धा करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त कर सकते हैं, इसका उत्कृष्ट उदाहरण प्रणव ने प्रस्तुत किया है। इसलिए आज अनेक विद्यार्थी और अभिभावक प्रणव की सफलता को प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं। प्रणव मोर की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से पाचोरा शहर सहित पूरे तालुके में आनंद और गर्व का वातावरण बना हुआ है। विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और व्यापारी क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने प्रणव को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी हैं। शिक्षक, मित्र और नागरिकों ने भी उनकी सफलता का अभिनंदन किया है। पाचोरा जैसे शहर से अखिल भारतीय स्तर पर इतनी बड़ी सफलता प्राप्त करना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। प्रणव की उपलब्धि के कारण तालुके की शैक्षणिक क्षमता की ओर पूरे देश का ध्यान आकर्षित हुआ है। परिवार के सदस्यों ने भावुक होकर कहा कि यदि आज उनके पिता जीवित होते तो बेटे की इस सफलता पर उनकी आँखों में गर्व के आँसू आ जाते। हालांकि उनका आशीर्वाद ही प्रणव की सफलता के पीछे की सबसे बड़ी प्रेरणा रहा है। प्रणव राजेश मोर की इस शानदार उपलब्धि से पाचोरा तालुका का नाम देशभर में उज्ज्वल हुआ है। उनकी सफलता से अनेक युवाओं को प्रेरणा मिली है और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए वे निश्चित ही प्रेरणास्रोत बनेंगे। भविष्य में भी प्रणव मोर देश के आर्थिक और व्यावसायिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगे, ऐसा विश्वास व्यक्त किया जा रहा है। इस उल्लेखनीय सफलता के लिए प्रणव राजेश मोर और मोर परिवार को ध्येय न्यूज व झुंज समाचार पत्र के संपादक संदीप महाजन तथा उनके परिवार की ओर से हार्दिक बधाई दी गई है और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ व्यक्त की गई हैं।

आज दि.06/03/2026 चे सर्व राशीचे भविष्य व शुभ अंक व रंग

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मेष:
आज कामात उत्साह राहील आणि नवी जबाबदारी स्वीकारावी लागेल. धाडसाने घेतलेले निर्णय फायदेशीर ठरतील. आर्थिक बाबतीत सावधगिरी बाळगा. कुटुंबीयांचा पाठिंबा मिळेल.
शुभ अंक: 1
शुभ रंग: लाल

वृषभ:
कामात स्थिरता आणि संयम आवश्यक आहे. आर्थिक व्यवहार जपून करा. आरोग्याकडे लक्ष देणे गरजेचे आहे. जवळच्या व्यक्तींचे सहकार्य लाभेल.
शुभ अंक: 6
शुभ रंग: हिरवा

मिथुन:
संवादकौशल्यामुळे अडथळे दूर होतील. नवीन ओळखी लाभदायक ठरतील. लहान प्रवास संभवतो. निर्णय घाईत घेऊ नका.
शुभ अंक: 5
शुभ रंग: पिवळा

कर्क:
कौटुंबिक आनंद लाभेल. आर्थिक स्थितीत सुधारणा दिसेल. भावनिक विषयांमध्ये संयम बाळगा. कामात प्रगतीची चिन्हे आहेत.
शुभ अंक: 2
शुभ रंग: पांढरा

सिंह:
नेतृत्वगुणांना वाव मिळेल. वरिष्ठांकडून कौतुक होईल. आत्मविश्वासामुळे यश मिळेल. महत्त्वाच्या जबाबदाऱ्या वाढतील.
शुभ अंक: 9
शुभ रंग: सोनेरी

कन्या:
कामात बारकाईने लक्ष द्या. सहकाऱ्यांशी समन्वय आवश्यक आहे. आरोग्याची काळजी घ्या. खर्चावर नियंत्रण ठेवा.
शुभ अंक: 7
शुभ रंग: निळा

तुळ:
संतुलित विचार ठेवल्यास अडचणी दूर होतील. कुटुंबीयांशी संबंध दृढ होतील. आर्थिक लाभ संभवतो. नवीन संधी मिळतील.
शुभ अंक: 6
शुभ रंग: गुलाबी

वृश्चिक:
धैर्य आणि चिकाटी ठेवा. गुप्त शत्रूंपासून सावध राहा. आर्थिक व्यवहार पारदर्शक ठेवा. मानसिक स्थैर्य राखा.
शुभ अंक: 8
शुभ रंग: जांभळा

धनु:
प्रवासाचे योग संभवतात. शैक्षणिक आणि व्यावसायिक क्षेत्रात यश मिळेल. सकारात्मक दृष्टिकोन ठेवा. मित्रांची साथ लाभेल.
शुभ अंक: 3
शुभ रंग: केशरी

मकर:
मेहनतीचे फळ मिळेल. कामात स्थिरता राहील. आर्थिक नियोजन फायदेशीर ठरेल. कुटुंबीयांशी संवाद वाढेल.
शुभ अंक: 4
शुभ रंग: तपकिरी

कुंभ:
नवीन कल्पना यशस्वी ठरतील. सामाजिक क्षेत्रात मान-सन्मान वाढेल. आरोग्य उत्तम राहील. अचानक आर्थिक लाभाची शक्यता आहे.
शुभ अंक: 7
शुभ रंग: आकाशी

मीन:
मन प्रसन्न आणि शांत राहील. आध्यात्मिक गोष्टींकडे कल वाढेल. कौटुंबिक सुख मिळेल. आर्थिक स्थिती समाधानकारक राहील.
शुभ अंक: 2
शुभ रंग: समुद्री हिरवा

वाचकांनी वरील भविष्यवाणीचा अर्थ अचूक भविष्यवाणी म्हणून लावता केवळ आत्मपरीक्षण आणि सकारात्मक प्रेरणा म्हणून घ्यावा.

आज दि.05/03/2026 चे सर्व राशीचे भविष्य व शुभ अंक व रंग

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मेष:
आज कामात वेग येईल आणि धाडसी निर्णय घेण्याची संधी मिळेल. स्पर्धात्मक वातावरणात तुमची छाप पडेल. आर्थिक व्यवहार जपून करा. कुटुंबीयांचा सल्ला उपयोगी ठरेल.
शुभ अंक: 9
शुभ रंग: लाल

वृषभ:
स्थैर्य आणि संयम यामुळे यश मिळेल. व्यवसायात हळूहळू प्रगती होईल. खर्चावर नियंत्रण ठेवणे आवश्यक आहे. आरोग्याबाबत दुर्लक्ष करू नका.
शुभ अंक: 6
शुभ रंग: हिरवा

मिथुन:
संवादकौशल्यामुळे कामे सुरळीत होतील. नवीन ओळखी फायदेशीर ठरतील. प्रवासाचा योग संभवतो. महत्त्वाचे निर्णय विचारपूर्वक घ्या.
शुभ अंक: 5
शुभ रंग: पिवळा

कर्क:
कौटुंबिक वातावरण समाधानकारक राहील. आर्थिक स्थितीत सुधारणा दिसेल. भावनिक बाबतीत संयम बाळगा. कामात प्रगतीची चिन्हे आहेत.
शुभ अंक: 2
शुभ रंग: पांढरा

सिंह:
नेतृत्वगुणांना योग्य संधी मिळेल. वरिष्ठांचा पाठिंबा लाभेल. आत्मविश्वासामुळे यश निश्चित आहे. नवीन जबाबदाऱ्या स्वीकाराव्या लागतील.
शुभ अंक: 1
शुभ रंग: सोनेरी

कन्या:
कामात बारकाई आवश्यक आहे. सहकाऱ्यांशी समन्वय ठेवा. आरोग्याची काळजी घ्या. आर्थिक नियोजन फायदेशीर ठरेल.
शुभ अंक: 7
शुभ रंग: निळा

तुळ:
संतुलित दृष्टिकोन ठेवल्यास अडचणी दूर होतील. कुटुंबीयांशी संबंध दृढ होतील. नवीन संधी लाभदायक ठरतील. खर्च जपून करा.
शुभ अंक: 6
शुभ रंग: गुलाबी

वृश्चिक:
धैर्य आणि चिकाटीने यश मिळेल. गुप्त शत्रूंपासून सावध राहा. आर्थिक व्यवहारात पारदर्शकता ठेवा. मानसिक स्थैर्य राखा.
शुभ अंक: 8
शुभ रंग: जांभळा

धनु:
प्रवास आणि नवीन योजना यशस्वी ठरतील. शिक्षण व करिअरमध्ये प्रगती होईल. सकारात्मक विचार ठेवा. मित्रांची साथ लाभेल.
शुभ अंक: 3
शुभ रंग: केशरी

मकर:
मेहनतीचे फळ मिळेल. कामात स्थिरता राहील. आर्थिक बाबतीत योग्य नियोजन करा. कुटुंबीयांशी संवाद वाढेल.
शुभ अंक: 4
शुभ रंग: तपकिरी

कुंभ:
नवीन कल्पना अमलात आणण्यासाठी चांगला दिवस आहे. सामाजिक क्षेत्रात मान-सन्मान वाढेल. आरोग्य उत्तम राहील. आर्थिक लाभ संभवतो.
शुभ अंक: 7
शुभ रंग: आकाशी

मीन:
मन शांत राहील. आध्यात्मिक कल वाढेल. कुटुंबीयांसोबत आनंददायी वेळ जाईल. आर्थिक स्थिती समाधानकारक राहील.
शुभ अंक: 2
शुभ रंग: समुद्री हिरवा

वाचकांनी वरील भविष्यवाणीचा अर्थ अचूक भविष्यवाणी म्हणून लावता केवळ आत्मपरीक्षण आणि सकारात्मक प्रेरणा म्हणून घ्यावा.

आज दि.04/03/2026 चे सर्व राशीचे भविष्य व शुभ अंक व रंग

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मेष:
आज कामात नवे निर्णय घ्यावे लागतील. आत्मविश्वास ठेवल्यास अडचणी दूर होतील. आर्थिक व्यवहार जपून करा. कुटुंबीयांसोबत वेळ घालवण्याची संधी मिळेल.
शुभ अंक: 1
शुभ रंग: लाल

वृषभ:
आज संयम आणि शांती महत्त्वाची ठरेल. व्यवसायात स्थिरता राहील. खर्चावर नियंत्रण ठेवणे आवश्यक आहे. आरोग्याची काळजी घ्या.
शुभ अंक: 6
शुभ रंग: हिरवा

मिथुन:
संवादातून अनेक प्रश्न सुटतील. मित्रांचे सहकार्य लाभेल. लहान प्रवासाची शक्यता आहे. कामात नवे अवसर मिळू शकतात.
शुभ अंक: 5
शुभ रंग: पिवळा

कर्क:
कौटुंबिक वातावरण आनंदी राहील. आर्थिक बाबतीत सुधारणा दिसेल. भावनिक निर्णय टाळा. कामात प्रगतीची चिन्हे दिसतील.
शुभ अंक: 2
शुभ रंग: पांढरा

सिंह:
नेतृत्वगुणांना वाव मिळेल. वरिष्ठांचा विश्वास वाढेल. नवीन जबाबदाऱ्या स्वीकाराव्या लागतील. आत्मविश्वासामुळे यश मिळेल.
शुभ अंक: 9
शुभ रंग: सोनेरी

कन्या:
कामात बारकाईने लक्ष द्या. सहकाऱ्यांशी मतभेद टाळा. आरोग्याची काळजी घेणे गरजेचे आहे. आर्थिक नियोजन फायदेशीर ठरेल.
शुभ अंक: 7
शुभ रंग: निळा

तुळ:
संतुलित विचारसरणी फायदेशीर ठरेल. कुटुंबीयांशी संबंध दृढ होतील. नवीन ओळखी लाभदायक ठरतील. खर्चावर नियंत्रण ठेवा.
शुभ अंक: 6
शुभ रंग: गुलाबी

वृश्चिक:
धैर्य आणि संयम ठेवा. गुप्त शत्रूंपासून सावध रहा. आर्थिक व्यवहार पारदर्शक ठेवा. महत्त्वाचे निर्णय विचारपूर्वक घ्या.
शुभ अंक: 8
शुभ रंग: जांभळा

धनु:
प्रवासाचे योग संभवतात. शैक्षणिक व व्यावसायिक क्षेत्रात यश मिळेल. सकारात्मक विचार ठेवा. मित्रांची मदत होईल.
शुभ अंक: 3
शुभ रंग: केशरी

मकर:
मेहनतीचे फळ मिळेल. कामात स्थिरता राहील. आर्थिक नियोजन योग्य ठरेल. कुटुंबीयांशी संवाद वाढेल.
शुभ अंक: 4
शुभ रंग: तपकिरी

कुंभ:
नवीन कल्पनांना चालना मिळेल. सामाजिक क्षेत्रात मान-सन्मान वाढेल. आरोग्य उत्तम राहील. अचानक लाभ संभवतो.
शुभ अंक: 7
शुभ रंग: आकाशी

मीन:
मन शांत आणि प्रसन्न राहील. आध्यात्मिक कल वाढेल. कौटुंबिक सुख मिळेल. आर्थिक स्थिती समाधानकारक राहील.
शुभ अंक: 2
शुभ रंग: समुद्री हिरवा

वाचकांनी वरील भविष्यवाणीचा अर्थ अचूक भविष्यवाणी म्हणून लावता केवळ आत्मपरीक्षण आणि सकारात्मक प्रेरणा म्हणून घ्यावा.

आज दि.03/03/2026 चे सर्व राशीचे भविष्य व शुभ अंक व रंग

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मेष:
आज धाडस आणि आत्मविश्वास वाढलेला जाणवेल. नवीन कामाची सुरुवात करण्यास अनुकूल वेळ आहे. आर्थिक व्यवहारात सावध राहा. कुटुंबीयांचा पाठिंबा लाभेल.
शुभ अंक: 9
शुभ रंग: केशरी

वृषभ:
कामात स्थिरता राहील पण संयम आवश्यक आहे. खर्चावर नियंत्रण ठेवणे गरजेचे आहे. आरोग्याची विशेष काळजी घ्या. नातेवाईकांकडून सहकार्य मिळेल.
शुभ अंक: 6
शुभ रंग: हिरवा

मिथुन:
आज संवादकौशल्यामुळे कामे मार्गी लागतील. मित्रांसोबत चर्चा फलदायी ठरेल. लहान प्रवास संभवतो. निर्णय घाईत घेऊ नका.
शुभ अंक: 5
शुभ रंग: पिवळा

कर्क:
कौटुंबिक वातावरण आनंददायी राहील. आर्थिक स्थितीत सुधारणा होण्याची शक्यता आहे. भावनिक गोष्टींमध्ये संतुलन ठेवा. कामात प्रगती दिसेल.
शुभ अंक: 2
शुभ रंग: पांढरा

सिंह:
नेतृत्वगुणांना वाव मिळेल. वरिष्ठांकडून कौतुक होईल. आत्मविश्वासामुळे यश मिळेल. महत्त्वाच्या जबाबदाऱ्या स्वीकाराव्या लागतील.
शुभ अंक: 1
शुभ रंग: सोनेरी

कन्या:
कामात बारकाई आवश्यक आहे. सहकाऱ्यांशी समन्वय ठेवा. आरोग्याची काळजी घ्या. आर्थिक नियोजनावर लक्ष द्या.
शुभ अंक: 7
शुभ रंग: निळा

तुळ:
संतुलित दृष्टिकोनामुळे लाभ होईल. कुटुंबीयांशी संवाद वाढेल. नवीन ओळखी फायदेशीर ठरतील. खर्च टाळा.
शुभ अंक: 6
शुभ रंग: गुलाबी

वृश्चिक:
धैर्य आणि चिकाटी ठेवा. गुप्त शत्रूंपासून सावध रहा. आर्थिक व्यवहारात पारदर्शकता आवश्यक आहे. मानसिक स्थैर्य राखा.
शुभ अंक: 8
शुभ रंग: जांभळा

धनु:
प्रवासाचे योग आहेत. शिक्षण आणि करिअरमध्ये प्रगती होईल. सकारात्मक विचार ठेवा. मित्रांची मदत लाभेल.
शुभ अंक: 3
शुभ रंग: केशरी

मकर:
मेहनतीचे फळ मिळेल. कामात स्थिरता राहील. आर्थिक बाबतीत चांगले नियोजन करा. कुटुंबीयांशी संबंध सुधारतील.
शुभ अंक: 4
शुभ रंग: तपकिरी

कुंभ:
नवीन कल्पना प्रत्यक्षात आणण्यासाठी चांगला दिवस आहे. सामाजिक क्षेत्रात मान वाढेल. आरोग्य उत्तम राहील. आर्थिक लाभ संभवतो.
शुभ अंक: 7
शुभ रंग: आकाशी

मीन:
मन प्रसन्न राहील. आध्यात्मिक गोष्टींकडे कल वाढेल. कुटुंबीयांशी जिव्हाळा वाढेल. आर्थिक स्थिती समाधानकारक राहील.
शुभ अंक: 2
शुभ रंग: समुद्री हिरवा

वाचकांनी वरील भविष्यवाणीचा अर्थ अचूक भविष्यवाणी म्हणून लावता केवळ आत्मपरीक्षण आणि सकारात्मक प्रेरणा म्हणून घ्यावा.

आज दि.02/04/2026 चे सर्व राशीचे भविष्य व शुभ अंक व रंग

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मेष
आज कामात गती येईल आणि प्रलंबित कामे पूर्ण होतील. आत्मविश्वास वाढलेला राहील. आर्थिक व्यवहारात काळजी घ्या. कुटुंबीयांसोबत आनंदाचे क्षण मिळतील. आरोग्य ठीक राहील.
शुभ अंक: 1
शुभ रंग: लाल

वृषभ
आजचा दिवस संयमाने घालवावा लागेल. कामात थोडे अडथळे येऊ शकतात. आर्थिक स्थिती स्थिर राहील. कुटुंबाची साथ लाभेल. आरोग्याकडे दुर्लक्ष करू नका.
शुभ अंक: 6
शुभ रंग: हिरवा

मिथुन
आज नवीन संधी मिळण्याची शक्यता आहे. संवाद कौशल्यामुळे फायदा होईल. मित्रांची मदत मिळेल. खर्च वाढू शकतो. मन आनंदी राहील.
शुभ अंक: 5
शुभ रंग: पिवळा

कर्क
आज कुटुंबाशी संबंधित गोष्टींवर लक्ष द्यावे लागेल. भावनिक निर्णय टाळा. कामात स्थिरता राहील. आर्थिक बाबतीत सावध राहा. आरोग्य सामान्य राहील.
शुभ अंक: 2
शुभ रंग: पांढरा

सिंह
आज तुमचा प्रभाव वाढेल आणि लोकांवर छाप पडेल. कामात यश मिळेल. वरिष्ठांचे सहकार्य लाभेल. खर्चावर नियंत्रण आवश्यक आहे.
शुभ अंक: 3
शुभ रंग: केशरी

कन्या
आज नियोजनबद्ध काम केल्यास यश मिळेल. आरोग्य सुधारेल. आर्थिक लाभाची शक्यता आहे. कुटुंबात आनंदाचे वातावरण राहील.
शुभ अंक: 7
शुभ रंग: निळा

तुला
आज संतुलन राखणे महत्त्वाचे ठरेल. भागीदारीत लाभ होईल. नवीन ओळखी निर्माण होतील. खर्च वाढू शकतो. कुटुंबासोबत वेळ घालवा.
शुभ अंक: 8
शुभ रंग: गुलाबी

वृश्चिक
आज थोडा तणाव जाणवू शकतो. संयम आणि शांतता राखा. कामात विलंब होऊ शकतो. आर्थिक बाबतीत स्थिरता राहील. आरोग्याची काळजी घ्या.
शुभ अंक: 4
शुभ रंग: जांभळा

धनु
आजचा दिवस प्रगतीचा राहील. प्रवासाची शक्यता आहे. नवीन कामांची सुरुवात करू शकता. आर्थिक लाभ मिळेल. मित्रांचा पाठिंबा मिळेल.
शुभ अंक: 9
शुभ रंग: पिवळा

मकर
आज मेहनतीचे फळ मिळेल. कामात प्रगती होईल. वरिष्ठांकडून कौतुक मिळेल. कुटुंबात आनंद राहील. खर्चावर नियंत्रण ठेवा.
शुभ अंक: 8
शुभ रंग: करडा

कुंभ
आज नवीन संधींचा लाभ घेता येईल. सामाजिक क्षेत्रात यश मिळेल. आर्थिक स्थिती सुधारेल. आरोग्य उत्तम राहील.
शुभ अंक: 11
शुभ रंग: आकाशी

मीन
आज मन शांत ठेवणे आवश्यक आहे. कामात स्थिरता राहील. आर्थिक बाबतीत काळजी घ्या. कुटुंबाचा पाठिंबा मिळेल. ध्यान उपयोगी ठरेल.
शुभ अंक: 2
शुभ रंग: समुद्री हिरवा

वाचकांनी वरील भविष्यवाणीचा अर्थ अचूक भविष्यवाणी म्हणून लावता केवळ आत्मपरीक्षण आणि सकारात्मक प्रेरणा म्हणून घ्यावा.

आज दि.02/03/2026 चे सर्व राशीचे भविष्य व शुभ अंक व रंग

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मेष:
आज कामात गती येईल आणि प्रलंबित कामे पूर्ण करण्याची संधी मिळेल. व्यवसायिक निर्णय लाभदायक ठरू शकतात. कुटुंबीयांशी सौहार्द राखा. आरोग्याकडे लक्ष द्या.
शुभ अंक: 1
शुभ रंग: लाल

वृषभ:
आर्थिक बाबतीत सावधगिरी बाळगणे गरजेचे आहे. कामाच्या ठिकाणी संयम ठेवल्यास यश मिळेल. नातेवाईकांकडून चांगली बातमी मिळू शकते. मानसिक शांतता राखा.
शुभ अंक: 6
शुभ रंग: हिरवा

मिथुन:
नवीन योजना सुरू करण्यासाठी चांगला दिवस आहे. मित्रांचे सहकार्य मिळेल. प्रवासाची शक्यता आहे. अनावश्यक वाद टाळा.
शुभ अंक: 5
शुभ रंग: पिवळा

कर्क:
कौटुंबिक वातावरण आनंदी राहील. आर्थिक स्थितीत सुधारणा होण्याचे संकेत आहेत. भावनिक निर्णय घेणे टाळा. कामात स्थिरता येईल.
शुभ अंक: 2
शुभ रंग: पांढरा

सिंह:
नेतृत्व दाखवण्याची संधी मिळेल. वरिष्ठांचा विश्वास संपादन कराल. आत्मविश्वास वाढेल. नवीन जबाबदाऱ्या स्वीकाराव्या लागतील.
शुभ अंक: 9
शुभ रंग: सोनेरी

कन्या:
कामात बारकाईने लक्ष देणे आवश्यक आहे. सहकाऱ्यांशी मतभेद टाळा. आरोग्याची काळजी घ्या. खर्चावर नियंत्रण ठेवा.
शुभ अंक: 7
शुभ रंग: निळा

तुळ:
संतुलन राखल्यास सर्व गोष्टी सुरळीत पार पडतील. कुटुंबीयांसोबत वेळ घालवण्याची संधी मिळेल. आर्थिक लाभ संभवतो. नवीन ओळखी फायदेशीर ठरतील.
शुभ अंक: 6
शुभ रंग: गुलाबी

वृश्चिक:
धैर्य आणि संयम ठेवा. गुप्त शत्रूं पासून सावध राहा. आर्थिक व्यवहारात पारदर्शकता ठेवा. महत्त्वाचे निर्णय विचारपूर्वक घ्या.
शुभ अंक: 8
शुभ रंग: जांभळा

धनु:
प्रवास योग संभवतो. शैक्षणिक आणि व्यावसायिक क्षेत्रात प्रगती होईल. सकारात्मक दृष्टिकोन ठेवा. मित्रांची साथ लाभेल.
शुभ अंक: 3
शुभ रंग: केशरी

मकर:
मेहनतीचे फळ मिळेल. कामात स्थिरता राहील. आर्थिक नियोजन फायदेशीर ठरेल. कुटुंबीयांशी संवाद वाढेल.
शुभ अंक: 4
शुभ रंग: तपकिरी

कुंभ:
नवीन कल्पना यशस्वी होतील. सामाजिक क्षेत्रात मान-सन्मान वाढेल. आरोग्य उत्तम राहील. अचानक आर्थिक लाभाची शक्यता आहे.
शुभ अंक: 7
शुभ रंग: आकाशी

मीन:
मन शांत आणि समाधानी राहील. आध्यात्मिक कल वाढेल. कुटुंबीयांशी जिव्हाळा वाढेल. आर्थिक स्थिती समाधानकारक राहील.
शुभ अंक: 2
शुभ रंग: समुद्री हिरवा

वाचकांनी वरील भविष्यवाणीचा अर्थ अचूक भविष्यवाणी म्हणून लावता केवळ आत्मपरीक्षण आणि सकारात्मक प्रेरणा म्हणून घ्यावा.

कर्तव्य, प्रामाणिकपणा आणि माणुसकीचा गौरव : सहाय्यक कृषी अधिकारी सुखदेव गिरी यांना अंजनविहिरे गावाचा ऐतिहासिक निरोप

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भडगाव – तालुक्यातील मौजे अंजनविहिरे येथे कार्यरत असलेले सहाय्यक कृषी अधिकारी सुखदेव गिरी यांची बदली झाल्याने २८ फेब्रुवारी रोजी त्यांना कार्यमुक्त करण्यात आले. मात्र ही केवळ एक शासकीय प्रक्रिया न राहता, अंजनविहिरे गावासाठी तो एक भावनिक क्षण ठरला. गावातील समस्त शेतकरी बांधवांनी एकत्र येत सुखदेव गिरी यांच्या कार्याचा गौरव करण्यासाठी भव्य आणि अभूतपूर्व निरोप समारंभाचे आयोजन केले. प्रशासनातील एखाद्या अधिकाऱ्यासाठी गावकऱ्यांनी इतक्या प्रेमाने, उत्साहाने आणि आपुलकीने निरोप देण्याची घटना विरळाच म्हणावी लागेल. गावकऱ्यांच्या मनात सुखदेव गिरी यांच्याविषयी असलेले प्रेम आणि आदर या समारंभातून ठायीठायी दिसून आला. सुखदेव गिरी यांची सपत्नीक डीजेच्या गजरात अश्वरथातून गावभर मिरवणूक काढण्यात आली. प्रत्येक घरासमोर महिलांनी रांगोळी काढून औक्षण केले, ओवाळणी टाकून त्यांचे स्वागत केले. हजारो रुपयांची ओवाळणी ही केवळ आर्थिक मूल्याची नव्हती, तर ती शेतकऱ्यांच्या मनातील कृतज्ञतेची आणि विश्वासाची पावती होती. महाडीबीटी योजनेच्या माध्यमातून अनुदानावर शेतकऱ्यांना मिळवून दिलेले २५ ते ३० ट्रॅक्टर या मिरवणुकीत सहभागी झाले. हे ट्रॅक्टर केवळ वाहन नव्हते, तर शेतकऱ्यांच्या जीवनात झालेल्या सकारात्मक बदलाचे प्रतिक होते. मिरवणुकीनंतर संपूर्ण गावाला गावकऱ्यांनीच स्नेहभोजन दिले आणि हा निरोप समारंभ एका कुटुंबीयाच्या विदाईसारखा साजरा केला. या समारंभास जिल्हा अधिक्षक कृषी अधिकारी मा. कुर्बान तडवी, उपविभागीय कृषी अधिकारी मा. किशोर मांडगे, तालुका कृषी अधिकारी दीपक ठाकूर, कृषी विज्ञान केंद्राचे प्रमुख शास्त्रज्ञ, ग्रामपंचायत पदाधिकारी तसेच असंख्य शेतकरी बांधव उपस्थित होते. ग्रामपंचायतीच्या वतीने सुखदेव गिरी यांना प्रशस्तीपत्र व सन्मानचिन्ह देऊन त्यांच्या कार्याचा गौरव करण्यात आला. अधिकाऱ्यांच्या भाषणांतूनही एक गोष्ट ठळकपणे जाणवत होती—सुखदेव गिरी हे केवळ आदेश देणारे अधिकारी नव्हते, तर शेतकऱ्यांच्या अडचणी समजून घेऊन त्या सोडवण्यासाठी त्यांच्या दारात जाणारे, त्यांच्या पिकांत उतरून काम करणारे अधिकारी होते. हा निरोप समारंभ म्हणजे गावाच्या कृषी अधिकाऱ्याप्रती असलेल्या प्रेमाचे आणि विश्वासाचे जिवंत उदाहरण ठरले. सुखदेव गिरी यांनी आपल्या कार्यकाळात घरोघरी जाऊन शेतकऱ्यांना मार्गदर्शन केले, शासकीय योजनांची माहिती दिली, कागदोपत्री अडचणी सोडवल्या आणि शेतीला नवी दिशा देण्याचा प्रामाणिक प्रयत्न केला. नोकरी करत असताना पगार मिळवणे हे प्रत्येकाचे ध्येय असते, मात्र आपण जो पगार घेतो त्याच्या बदल्यात समाजासाठी काय योगदान दिले, हे अधिक महत्त्वाचे असते. आपण आयुष्यात किती संपत्ती कमावली यापेक्षा, किती माणसे जिंकली याची खरी किंमत असते, हे सुखदेव गिरी यांच्या कार्यातून दिसून आले. आजच्या व्यवस्थेत एकीकडे रंजले-गांजले, वृद्ध, अपंग आणि त्रस्त लोकांना किरकोळ कामासाठी तासन्तास उभे ठेवणारे, महिनोन्‌महिने चकरा मारायला लावणारे अधिकारी-कर्मचारी आपण पाहतो. तर दुसरीकडे पगार घेऊनही हरामाचा पैसा कमवण्यासाठी लोकांचे लाचरूपी रक्त शोषणारे राक्षसी वृत्तीचे घटकही प्रशासनात कार्यरत आहेत. अशा परिस्थितीत, प्रामाणिकपणे काम करणाऱ्या अधिकाऱ्याला जेव्हा ग्रामस्थांकडून अशी ‘पावती’ मिळते, तेव्हा त्याचा आनंद आणि समाधान शब्दात मांडणे कठीण असते. या समारंभातील सर्वात भावनिक क्षण म्हणजे सुखदेव गिरी यांची सहपत्नी त्यांच्या सोबत मिरवणुकीत विराजमान होत्या. आपल्या पतीच्या कार्यामुळे जनतेकडून मिळणारा मान-सन्मान, प्रेम आणि आदर पाहून त्या माऊलीच्या मनात जो अभिमान दाटून आला असेल, तो शब्दांत सांगण्यासारखा नाही. एका बाजूला प्रामाणिक कार्यामुळे निघणारी मिरवणूक आणि सन्मान, तर दुसऱ्या बाजूला लाचलुचपत प्रतिबंधक विभागाच्या सापळ्यात अडकून घराची झाडाझडती होताना कोपऱ्यात बसून रडणारी भ्रष्ट अधिकाऱ्याची पत्नी—या दोन टोकांच्या चित्रांतून जीवनाचे खरे मूल्य स्पष्ट होते. याच संदर्भात संत तुकाराम महाराजांचे शब्द आठवतात—“ज्याचे आचरण त्याचे भूषण.” पद, अधिकार किंवा सत्ता तात्पुरती असते; मात्र आचरणातून निर्माण होणारी कीर्ती आणि सन्मान कायमचा असतो. लेखक ग.दि. माडगूळकर यांनी म्हटल्याप्रमाणे, “माणूस मोठा त्याच्या कर्तृत्वाने होतो, पदाने नाही.” सुखदेव गिरी यांनी आपल्या कर्तृत्वातून हे सिद्ध करून दाखवले. शेवटी एवढेच म्हणावेसे वाटते की, जीवनात आपण किती दिवस जगलो याला फारसे महत्त्व नाही, तर आपण कसे जगलो, कोणासाठी जगलो आणि समाजासाठी काय दिले, याला खरे महत्त्व आहे. अंजनविहिरे गावाने दिलेला हा निरोप केवळ एका अधिकाऱ्याचा सत्कार नाही, तर प्रामाणिकपणा, कर्तव्यनिष्ठा आणि माणुसकी यांचा सन्मान आहे. सुखदेव गिरी यांचे कार्य येणाऱ्या पिढ्यांसाठी प्रेरणादायी ठरेल, यात शंका नाही.

इराण–इजराइल युद्धाच्या छायेत भारताची सज्जता आणि दुबईतील वास्तव : CCS बैठकीतून राष्ट्रीय सुरक्षेचा आढावा आणि दुबईतून सौ. शितल संदीप महाजन यांचा दिलासादायक संदेश

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दुबई – मध्यपूर्वेत इराण–इजराइल युद्धाने धोकादायक वळण घेतले असून त्याचे परिणाम केवळ त्या दोन देशांपुरते मर्यादित न राहता संपूर्ण जगावर उमटू लागले आहेत. आंतरराष्ट्रीय राजकारण, जागतिक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाजारपेठा आणि विविध देशांची अंतर्गत सुरक्षा या सर्वच बाबी या संघर्षामुळे प्रभावित होत आहेत. या पार्श्वभूमीवर भारत सरकारने परिस्थितीची गांभीर्याने दखल घेत पंतप्रधान नरेंद्रजी मोदी यांच्या अध्यक्षतेखाली देशाच्या सर्वोच्च सुरक्षा समितीची म्हणजेच कॅबिनेट कमिटी ऑन सिक्युरिटी (CCS) ची अत्यंत महत्त्वाची बैठक बोलावली आहे. ही बैठक केवळ औपचारिक स्वरूपाची नसून भारताच्या राष्ट्रीय सुरक्षेच्या दृष्टीने अत्यंत निर्णायक मानली जात आहे. मध्यपूर्वेत सुरू असलेले युद्ध अधिक व्यापक रूप धारण करण्याची शक्यता नाकारता येत नाही. त्यामुळे भारतासारख्या मोठ्या लोकसंख्येच्या, वेगाने विकसित होत असलेल्या आणि जागतिक पातळीवर महत्त्वाची भूमिका बजावणाऱ्या देशासाठी ही परिस्थिती अत्यंत संवेदनशील ठरते.

एकीकडे दुबई, इराण, इजराइल तसेच आसपासच्या मध्यपूर्वेतील देशांमध्ये लाखो भारतीय नागरिक रोजगार, व्यवसाय, शिक्षण आणि पर्यटनासाठी वास्तव्यास आहेत, तर दुसरीकडे भारताची ऊर्जा सुरक्षा मोठ्या प्रमाणावर याच भागावर अवलंबून आहे. युद्ध अधिक तीव्र झाल्यास भारतीय नागरिकांची सुरक्षितता, इंधन पुरवठा, देशाची अर्थव्यवस्था आणि अंतर्गत सुरक्षेवर थेट परिणाम होऊ शकतो. याच कारणांमुळे CCS बैठकीत या सर्व बाबींचा सखोल आढावा घेतला जात आहे. CCS ही भारत सरकारची सर्वात महत्त्वाची आणि गोपनीय समिती मानली जाते. युद्ध, दहशतवाद, आंतरराष्ट्रीय संघर्ष, संरक्षणविषयक धोरणे, लष्करी हालचाली, संरक्षण खरेदी तसेच परराष्ट्र धोरणाशी संबंधित अत्यंत संवेदनशील निर्णय याच समितीत घेतले जातात. या समितीचे अध्यक्ष पंतप्रधान असतात, तर संरक्षण मंत्री, गृहमंत्री, परराष्ट्र मंत्री आणि अर्थमंत्री हे तिचे सदस्य असतात. याशिवाय राष्ट्रीय सुरक्षा सल्लागार, लष्करप्रमुख आणि गुप्तचर यंत्रणांचे वरिष्ठ अधिकारी विशेष आमंत्रित म्हणून बैठकीस उपस्थित राहतात. इराण–इजराइल युद्धाच्या पार्श्वभूमीवर ही बैठक बोलावली जाणे, भारत कोणत्याही संभाव्य परिणामांसाठी सज्ज असल्याचे स्पष्ट संकेत देते. या बैठकीतील सर्वात महत्त्वाचा मुद्दा म्हणजे परदेशात असलेल्या भारतीय नागरिकांची सुरक्षितता. युद्ध अधिक तीव्र झाल्यास दुबई, इराण, इजराइल तसेच आसपासच्या देशांमध्ये वास्तव्यास असलेल्या भारतीयांना धोका निर्माण होऊ शकतो. त्यामुळे गरज भासल्यास विशेष विमानसेवा सुरू करणे, स्थलांतर योजना राबवणे आणि दूतावासांमार्फत तातडीची मदत उपलब्ध करून देण्याचा आराखडा तयार ठेवण्यावर भर दिला जात आहे. दुसरा महत्त्वाचा मुद्दा म्हणजे भारताची ऊर्जा सुरक्षा. मध्यपूर्वेतील समुद्री मार्ग, विशेषतः होर्मुज सामुद्रधुनी असुरक्षित झाल्यास कच्च्या तेलाच्या पुरवठ्यावर परिणाम होऊ शकतो. यामुळे जागतिक बाजारात तेलाच्या किमती झपाट्याने वाढू शकतात आणि त्याचा थेट परिणाम भारतातील महागाई व अर्थव्यवस्थेवर होण्याची शक्यता आहे. त्यामुळे तेल साठे, पर्यायी पुरवठा व्यवस्था आणि आर्थिक उपाययोजनांवरही CCS बैठकीत चर्चा होत आहे. तिसरा महत्त्वाचा मुद्दा म्हणजे भारताची अंतर्गत सुरक्षा. आंतरराष्ट्रीय युद्धपरिस्थितीचा फायदा घेऊन दहशतवादी संघटना सक्रिय होण्याचा धोका नेहमीच असतो. त्यामुळे विमानतळ, बंदरे, रेल्वे स्थानके, धार्मिक स्थळे, मोठी शहरे आणि इतर संवेदनशील ठिकाणांची सुरक्षा वाढवण्याची गरज भासू शकते. गुप्तचर यंत्रणांकडून मिळालेल्या माहितीचा आढावा घेऊन आवश्यक त्या सुरक्षा उपाययोजना ठरवण्यात येणार आहेत. चौथा आणि तितकाच महत्त्वाचा मुद्दा म्हणजे भारताचे परराष्ट्र धोरण. इराण आणि इजराइल हे दोन्ही देश भारतासाठी महत्त्वाचे आहेत. इजराइलसोबत भारताचे संरक्षण आणि तंत्रज्ञान क्षेत्रातील सहकार्य आहे, तर इराणसोबत ऐतिहासिक, सांस्कृतिक आणि ऊर्जा क्षेत्रातील संबंध आहेत. त्यामुळे कोणत्याही एका बाजूचा उघड पाठिंबा न देता संतुलित, संयमित आणि शांततेला प्राधान्य देणारी भूमिका कशी ठेवावी, यावरही CCS बैठकीत सविस्तर चर्चा होत आहे. या आंतरराष्ट्रीय घडामोडींच्या पार्श्वभूमीवर दुबईची स्थिती विशेष चर्चेत आली आहे. सोशल मीडिया आणि काही माध्यमांतून “दुबईवर हल्ला”, “दुबई एअरपोर्ट उद्ध्वस्त”, “रात्री मोठे स्फोट” अशा बातम्या वेगाने पसरल्या. मात्र या सर्व गदारोळात वास्तव समजून घेणे अत्यंत गरजेचे आहे. 28 फेब्रुवारी 2026 रोजी दुपारनंतर मध्यपूर्वेतील संघर्षाने तीव्र वळण घेतले आणि संयुक्त अरब अमिरातीच्या दिशेने मिसाईल व ड्रोन हल्ल्यांचा धोका निर्माण झाला. UAE च्या अत्याधुनिक हवाई संरक्षण यंत्रणेने हे हल्ले हवेतच मोठ्या प्रमाणावर अडवले आणि बहुतेक क्षेपणास्त्रे निष्प्रभ करण्यात आली. तथापि या इंटरसेप्शन प्रक्रियेदरम्यान काही क्षेपणास्त्रांचे तुकडे खाली पडल्यामुळे दुबई आणि अबू धाबीतील काही भागांमध्ये मर्यादित स्वरूपाच्या घटना घडल्या. दुबई इंटरनॅशनल एअरपोर्ट परिसरात अशाच तुकड्यांमुळे एअरपोर्टच्या एका भागात किरकोळ नुकसान झाले आणि चार कर्मचारी जखमी झाले. खबरदारी म्हणून काही काळ उड्डाणे थांबवण्यात आली. मात्र रनवे किंवा प्रवासी टर्मिनलवर थेट मिसाईल हल्ला झाला असा दावा अधिकृतरीत्या कधीही करण्यात आलेला नाही. पाम जुमेराह, जेबेल अली पोर्ट आणि बुर्ज़ अल अरब परिसरातही आग आणि धूर दिसल्याच्या घटना नोंदल्या गेल्या, मात्र या सर्व घटना इंटरसेप्ट केलेल्या क्षेपणास्त्रांच्या तुकड्यांमुळेच झाल्याचे अधिकृत सूत्रांनी स्पष्ट केले. डाउनटाउन दुबई आणि शेख झायेद रोड परिसरात मोठे आवाज ऐकू आले, इमारती हादरल्या, मात्र थेट इमारतींवर हल्ला झाल्याची पुष्टी नाही. अबू धाबीमध्ये मात्र तुकडे पडल्यामुळे एका नागरिकाचा मृत्यू आणि काही जण जखमी झाल्याची माहिती समोर आली. या सर्व पार्श्वभूमीवर दुबईत प्रत्यक्ष उपस्थित असलेल्या केअर हेल्थ इन्शुरन्स कंपनीच्या अधिकृत एजंट सौ. शितल संदीप महाजन यांचे निवेदन विशेष महत्त्वाचे ठरत आहे. सध्या दुबई येथे अभ्यासदौरा आणि प्रशिक्षणासाठी वास्तव्यास असलेल्या सौ. शितल महाजन यांनी दुबईतील वस्तुस्थिती थेट दुबईतून स्पष्ट केली आहे. त्यांच्या म्हणण्यानुसार दुबईतील सध्याची परिस्थिती पूर्णतः सुरक्षित, शांत आणि नियोजित स्वरूपात सुरू आहे. येथे कोणत्याही प्रकारचे भीतीचे वातावरण नसून सर्व व्यवहार, पर्यटन उपक्रम आणि दैनंदिन जीवन सुरळीतपणे सुरू आहे. प्रत्यक्ष दुबईत दिसणारी परिस्थिती आणि सोशल मीडियावर दाखवली जाणारी चित्रे यामध्ये मोठा फरक असून अनेक बातम्या या अफवांवर आधारित असल्याचे त्या स्पष्टपणे सांगतात. सौ. शितल महाजन या केअर हेल्थ इन्शुरन्स कंपनीतर्फे दुबई येथे आलेल्या अधिकृत टीमचा भाग असून त्या सध्या कंपनीच्या अभ्यासदौरा व प्रशिक्षण कार्यक्रमासाठी दुबईत आहेत. त्यांनी सांगितले की केअर हेल्थ इन्शुरन्स मार्फत दुबई येथे आलेली संपूर्ण टीम पूर्णतः सुरक्षित आहे. कंपनीने आखलेले सर्व प्रशिक्षण सत्र, अभ्यासक्रम, व्यावसायिक बैठक तसेच नियोजित पर्यटन दौरे ठरलेल्या वेळापत्रकानुसार यशस्वीपणे पार पडत आहेत. कोणताही कार्यक्रम रद्द झालेला नाही किंवा त्यात अडथळा आलेला नाही. दुबईतील हॉटेल्स, रस्ते, पर्यटनस्थळे, बाजारपेठा आणि वाहतूक व्यवस्था पूर्णपणे सुरळीत असून सामान्य नागरिकांचे जीवन नेहमीप्रमाणेच सुरू आहे. सौ. शितल महाजन यांनी विशेषतः भारतातील आपल्या नातेवाईक, स्नेही आणि सहकाऱ्यांना उद्देशून सांगितले आहे की कोणतीही चिंता करण्याचे कारण नाही. केअर हेल्थ इन्शुरन्स कंपनी आपल्या सर्व एजंट्स आणि त्यांच्या कुटुंबीयांच्या सुरक्षिततेला सर्वोच्च प्राधान्य देत आहे. कंपनी व्यवस्थापन प्रत्येक सेकंदाची माहिती घेत असून सर्व आंतरराष्ट्रीय आणि स्थानिक सुरक्षा यंत्रणांच्या संपर्कात आहे. त्यामुळे कंपनीतर्फे दुबईत आलेली संपूर्ण टीम पूर्णतः सुरक्षित आहे आणि सर्व कार्यक्रम नियोजनानुसार सुरू आहेत. या संपूर्ण घडामोडींकडे पाहता एक गोष्ट स्पष्ट होते, ती म्हणजे युद्धाच्या काळात अफवा आणि अप्रमाणित माहिती मोठ्या वेगाने पसरते. प्रत्यक्ष घटनांपेक्षा भीतीचे वातावरण अधिक निर्माण केले जाते. अशा वेळी दुबईतून प्रत्यक्ष उपस्थित असलेल्या सौ. शितल संदीप महाजन यांचे हे निवेदन अत्यंत विश्वासार्ह आणि दिलासादायक ठरत आहे. त्यामुळे नागरिकांनी सोशल मीडियावरील अप्रमाणित बातम्यांवर विश्वास न ठेवता केवळ अधिकृत आणि प्रत्यक्ष अनुभवावर आधारित माहितीलाच प्राधान्य देणे आवश्यक आहे. दुबई सध्या सुरक्षित आहे, शांत आहे आणि नियोजनबद्ध पद्धतीने सर्व उपक्रम सुरू आहेत फक्त दुबई एअरपोर्ट वरून कोणतीही विमानाचे उड्डाण होत नसल्याने आता परतीच्या नियोजनात बदल बदल होऊ शकतो बाबी आम्ही सर्व लोक सुरक्षित आहोत एअरपोर्ट वर विमान उड्डाण बंद असल्याने त्या ठिकाणी यात्रेकरूनी मोठ्या प्रमाणावर गर्दी केल्याने गोंधळाचे वातावरण निर्माण झाले आहे दुबई सरकारने स्पष्ट आवाहन केले आहे जोपर्यंत आमच्याकडून विमान उड्डाण व प्रवास तिकिटाचे दिनांक वेळ याचे कन्फर्मेशन येत नाही तोपर्यंत कोणीही विमानतळावर येऊ नये

रंगार गल्लीतील कट्ट्यावरून विधानसभेच्या केंद्रबिंदूपर्यंतचा विश्वासाचा प्रवास : स्वीय सहाय्य राजेंद्र पाटील (राजूभाऊ) यांना वाढदिवसानिमित्त हार्दिक शुभेच्छा

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पाचोरा – तात्कालीन आमदार स्व. तात्यासाहेब आर. ओ. पाटील यांच्यावर उद्योगाचा कामाचा व्याप प्रचंड वाढत चालल्याने त्यांना आमदार या नात्याने ग्राउंड लेव्हलवरील सर्वसामान्य लोकांशी सातत्याने संपर्क ठेवणे व त्यांच्या दैनंदिन कामांकडे वैयक्तिक लक्ष देणे प्रत्यक्षात कठीण होत गेले होते. जनतेच्या प्रश्नांचा पसारा मोठा होता, विकासकामांची जबाबदारी वाढत होती आणि राजकीय तसेच प्रशासकीय आघाड्यांवर निर्णयांची संख्या दिवसेंदिवस वाढत चालली होती. अशा काळात लोकप्रतिनिधी म्हणून प्रत्येक गाव, प्रत्येक वाडी-वस्तीपर्यंत प्रत्यक्ष पोहोचणे शक्य होत नव्हते. याच काळात स्वतःला निष्ठावंत समजणाऱ्या काही चौकटी शिवसेनेच्या वरिष्ठ नेत्यांशी थेट संपर्कात राहून इतर सामान्य शिवसैनिकांना त्या संपर्कापासून दूर ठेवत होत्या. संघटनेतील कार्यकर्त्यांचा आवाज वरपर्यंत जाऊ नये, सामान्य कार्यकर्त्यांच्या अडचणी थेट नेतृत्वापर्यंत पोहोचू नयेत, अशी परिस्थिती जाणीवपूर्वक निर्माण केली जात होती. सहकार्य करण्याऐवजी तात्यासाहेबांच्या कामात अडथळे निर्माण करणे, गैरसमज पसरवणे, चुकीची माहिती देणे आणि संघटनात्मक पातळीवर अडचणी वाढवणे, असेच या चौकटींचे कामकाज बनले होते. या पार्श्वभूमीवर तात्यासाहेबांनी किशोर आप्पा पाटील यांना शिवसेनेत अधिक सक्रियपणे पुढे आणले. मात्र जनतेच्या अपेक्षा आणि वास्तव परिस्थिती वेगळीच दिशा दाखवत होती. अल्पावधीतच किशोर आप्पा पाटील युवकांच्या गळ्यातील ताईत बनले. त्यांच्या कामाची पद्धत, सर्वसामान्यांशी थेट संवाद, प्रश्न समजून घेण्याची शैली आणि निर्णयक्षम नेतृत्व यामुळे त्यांनी तरुणांसह सर्व स्तरांतील लोकांचा विश्वास संपादन केला आणि लोकनियुक्त नगराध्यक्ष म्हणून पाचोरा नगरपालिकेच्या नेतृत्वस्थानी विराजमान झाले. एका बाजूला आमदार स्व. तात्यासाहेब आर. ओ. पाटील यांच्या जबाबदाऱ्या आणि दुसऱ्या बाजूला स्वतःच्या नगरपालिकेच्या वाढत्या कामांचा व्याप, या दुहेरी जबाबदाऱ्यांमुळे प्रत्येक नागरिकाला थेट न्याय देणे आपल्याला एकट्याला शक्य नाही, अशी स्पष्ट जाणीव किशोर आप्पा पाटील यांना होऊ लागली. नागरिकांची कामे वेळेत व्हावीत, कोणालाही वाऱ्यावर सोडले जाऊ नये आणि प्रशासन व जनता यांच्यात समन्वय राहावा, यासाठी विश्वासू, प्रामाणिक आणि जनतेशी थेट नाळ जोडणारा स्वीय सहाय्यक असावा, असा विचार पुढे आला. कोण योग्य ठरेल, याची सखोल पडताळणी व पाहणी सुरू झाली. अनेक नावांवर चर्चा झाली, अनेक व्यक्तींच्या कार्यपद्धतीचा विचार झाला, मात्र अखेरीस चर्चाअंती रंगार गल्लीतील राजूभाऊ हेच या भूमिकेसाठी सर्वार्थाने योग्य असल्याचे निश्चित झाले. कारण त्यांच्याकडे पद नव्हते, सत्ता नव्हती, मात्र जनतेचे दुःख समजून घेण्याची क्षमता, शिवसेनेप्रती निष्ठा आणि प्रामाणिक काम करण्याची तयारी होती. त्यानंतर रंगार गल्लीतील कट्ट्यावर, म्हणजेच मोरभुवनच्या ओट्यावर बसणाऱ्या राजूभाऊंना तेथून थेट उठवून तत्कालीन नगराध्यक्ष किशोर आप्पा पाटील यांचे स्वीय सहाय्यक म्हणून सक्रिय करण्यात आले आणि येथूनच त्यांच्या सार्वजनिक कार्यातील जबाबदारीचा नवा अध्याय सुरू झाला. पाचोरा–भडगाव विधानसभा मतदारसंघाचे हॅट्रिक आमदार किशोर आप्पा पाटील यांचे स्वीय सहाय्यक म्हणून आज राजेंद्र पाटील म्हणजेच सर्वांचे लाडके राजूभाऊ ओळखले जातात. नाव जरी राजू असले तरी नावाप्रमाणेच त्यांचे मन राजासारखे मोठे आहे. आज त्यांच्या वाढदिवसानिमित्त झुंज वृत्तपत्र व ध्येय न्यूजचे संपादक संदीप महाजन व परिवाराच्या वतीने त्यांना मनःपूर्वक शुभेच्छा देताना त्यांच्या संघर्षमय, निष्ठावंत आणि लोकाभिमुख कार्यप्रवासाकडे कृतज्ञतेने पाहिले जाते. राजूभाऊंची ओळख आज 24×7 जनतेसाठी तत्पर असलेल्या स्वीय सहाय्यकाची असली, तरी हा प्रवास कोणत्याही सवलतीतून किंवा शिफारसीतून मिळालेला नाही. त्यांच्या आयुष्याची सुरुवात रंगार गल्लीतील एक साधा शिवसैनिक म्हणून झाली. त्या काळात पद, अधिकार किंवा सत्तेच्या परिघाशी दूरदूरपर्यंत संबंध नसताना त्यांनी शिवसेनेच्या विचारांवर ठाम राहून प्रामाणिकपणे काम केले. लोकांमध्ये मिसळून त्यांच्या अडचणी समजून घेणे, गरजूंच्या पाठीशी उभे राहणे, सामान्य माणसाला न्याय मिळवून देण्यासाठी प्रशासनाच्या उंबरठ्यावर ठामपणे उभे राहणे आणि रंजले-गांजले यांना दिलासा देण्यासाठी धडपडणे, हीच त्यांची ओळख होती. याच मातीतील गुणांमुळे पुढे त्यांच्या आयुष्याला वेगळे वळण मिळाले. स्वीय सहाय्यक म्हणून काम करताना राजूभाऊंनी कधीही पदाचा दुरुपयोग केला नाही. त्यांच्या अंगी असलेली प्रामाणिकता, निष्ठा आणि स्पष्टवक्तेपणा हे गुण अधिक ठळकपणे समोर आले. काम होईल तर होईल असे ठामपणे सांगणे आणि काम का होणार नाही हेही तितक्याच संयमानं व समजूतदारपणे सांगणे, हा त्यांचा मोठा गुण ठरला. भूलथापा न देता वस्तुस्थिती मांडणे, लोकांना खोटी आश्वासने न देता योग्य दिशा दाखवणे आणि प्रशासनाशी समन्वय राखत कामे मार्गी लावणे, या तिन्ही बाबींमध्ये त्यांनी स्वतःची वेगळी ओळख निर्माण केली. किशोर आप्पा पाटील यांच्या नगराध्यक्षपदाच्या कार्यकाळापासून ते आजच्या हॅट्रिक आमदारकीपर्यंत राजूभाऊ अखंडपणे स्वीय सहाय्यक म्हणून कार्यरत आहेत, यामागे कोणताही संधीसाधूपणा किंवा स्वार्थ नाही, तर केवळ आणि केवळ निष्ठा, प्रामाणिकपणा आणि सातत्य आहे. अनेक चढ-उतार, राजकीय बदल, सत्तांतराचे वारे आणि विरोधकांकडून होणारी टीका, या सगळ्या काळात त्यांनी आपली भूमिका बदलली नाही. जनतेचे काम हेच सर्वोच्च कर्तव्य मानून त्यांनी आपले दैनंदिन आयुष्य आखले. राजूभाऊंच्या कार्यशैलीची खासियत म्हणजे ते सर्व स्तरांतील लोकांशी समान आदराने वागतात. गरीब असो वा श्रीमंत, कार्यकर्ता असो वा अधिकारी, प्रत्येकाशी संवाद साधताना त्यांची भाषा संयमी, नम्र आणि आश्वासक असते. त्यामुळेच लोकांचा त्यांच्यावर प्रचंड विश्वास आहे आणि हाच विश्वास त्यांच्या यशाचा खरा पाया ठरला आहे. अनेकदा प्रशंसेपेक्षा टीका अधिक मिळते, गैरसमज निर्माण होतात, तरीही राजूभाऊंनी कधीही मनात कटुता ठेवली नाही. काम योग्य असेल तर ते टिकेल, या तत्त्वावर त्यांनी आजवरची वाटचाल केली आहे. आजच्या धावपळीच्या आणि बदलत्या राजकारणात, जिथे पदे बदलतात, भूमिका बदलतात आणि नाती तुटतात, तिथे राजूभाऊंची स्थिरता, सातत्य आणि निष्ठा विशेष ठरते. ते केवळ स्वीय सहाय्यक नाहीत, तर आमदारांच्या कार्याचा एक विश्वासू दुवा आहेत—जनता, पक्ष आणि प्रशासन यांच्यातील. याच दुव्यामुळे अनेक प्रश्न मार्गी लागले, अनेक गरजूंना दिलासा मिळाला आणि अनेक विकासकामांना गती मिळाली. वाढदिवस हा केवळ वैयक्तिक आनंदाचा दिवस नसतो, तर समाजाने दिलेल्या विश्वासाचे आणि जबाबदारीचे स्मरण करून देणारा दिवस असतो. राजूभाऊंसाठी हा दिवस त्यांच्या आजवरच्या कार्याची पावती ठरतो. त्यांच्या आयुष्यातील प्रत्येक टप्पा निष्ठेची, प्रामाणिकपणाची आणि लोकसेवेची साक्ष देतो. आजही ते पूर्वीप्रमाणेच साधेपणाने काम करत आहेत—नावात राजू असले तरी मन राजासारखे मोठे ठेवून. 2 मार्च या वाढदिवसाच्या निमित्ताने झुंज वृत्तपत्र व ध्येय न्यूज परिवाराच्या वतीने राजेंद्र पाटील म्हणजेच राजूभाऊ यांना दीर्घायुष्य, उत्तम आरोग्य आणि लोकसेवेच्या या पवित्र वाटचालीत नवनवीन यश मिळो, हीच सदिच्छा. जनतेसाठी अखंड कार्यरत राहणाऱ्या या विश्वासाच्या व्यक्तिमत्त्वाला वाढदिवसानिमित्त हार्दिक शुभेच्छा.

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