पाचोरा के सुपुत्र प्रणव मोर की दैदिप्यमान उपलब्धि : सीए परीक्षा में अखिल भारतीय 12वीं रैंक, तालुका का बढ़ाया मान

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पाचोरा – शहर के रंगार गली क्षेत्र में रहने वाला मोर परिवार पंचक्रोशी में एक प्रतिष्ठित व्यापारी परिवार के रूप में जाना जाता है। व्यापार के साथ-साथ शिक्षा और बौद्धिक प्रगति को भी समान महत्व देने वाले इस परिवार ने समाज में एक अलग पहचान बनाई है। इसी परिवार के युवा प्रणव राजेश मोर ने देश की अत्यंत कठिन और प्रतिष्ठित मानी जाने वाली चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर पाचोरा तालुका का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। The Institute of Chartered Accountants of India (ICAI) द्वारा घोषित जनवरी 2026 के सीए फाइनल परीक्षा परिणाम में प्रणव मोर ने अखिल भारतीय स्तर पर 12वां स्थान प्राप्त किया है और यह उपलब्धि पूरे तालुके के लिए गर्व का विषय बन गई है। प्रणव मोर को इस परीक्षा में कुल 432 अंक प्राप्त हुए हैं और ICAI की Merit List (January 2026) में उनका नाम देश के शीर्ष विद्यार्थियों में शामिल हुआ है। चार्टर्ड अकाउंटेंट की परीक्षा देश की सबसे कठिन और अत्यंत प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। देशभर के लाखों विद्यार्थी इस परीक्षा के लिए प्रयास करते हैं, लेकिन बहुत कम विद्यार्थियों को ही इसमें सफलता मिलती है। ऐसे में अखिल भारतीय स्तर पर 12वां स्थान प्राप्त करना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायी घटना बन गई है। पाचोरा शहर के गोसे हाईस्कूल रोड क्षेत्र में दुर्गा ऑइल इंडस्ट्रीज के परिसर में निवास करने वाला यह परिवार स्वर्गीय बद्रीलालशेठ मोर के परिवार के रूप में जाना जाता है। इस परिवार ने वर्षों से ईमानदार व्यापार, सामाजिक जिम्मेदारी और शिक्षा को दिए गए महत्व के कारण समाज में प्रतिष्ठा प्राप्त की है। परिवार के प्रत्येक सदस्य ने शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति की है, जिसके कारण मोर परिवार आज अनेक युवाओं के लिए आदर्श बन गया है। प्रणव मोर के परिवार के सदस्यों की शैक्षणिक यात्रा भी अत्यंत प्रेरणादायी है। प्रणव के बड़े भाई आईटी इंजीनियर हैं और हैदराबाद में एक बड़े पैकेज पर नौकरी कर रहे हैं। इसी प्रकार प्रणव के परिवार में लकी मोर और लीना मोर दोनों भाई-बहन भी चार्टर्ड अकाउंटेंट बन चुके हैं। परिवार की एक और बहन दीप्ती मोर वर्तमान में पीएचडी की पढ़ाई कर रही हैं और उनका शोध कार्य पूरा हो चुका है। आने वाले कुछ महीनों में उन्हें आधिकारिक रूप से पीएचडी की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। इस प्रकार शिक्षा, ज्ञान और प्रगति की परंपरा मोर परिवार में निरंतर आगे बढ़ती हुई दिखाई देती है। प्रणव मोर की सफलता के पीछे एक भावनात्मक संघर्ष भी छिपा हुआ है। प्रणव के जीवन में एक बड़ी कमी उनके पिता के निधन से उत्पन्न हुई। पिता का साया खोने के बाद भी इस युवा ने परिस्थितियों के सामने हार नहीं मानी और अपने पिता द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की। पिता का सपना पूरा करने की दृढ़ इच्छा और परिवार के सदस्यों का मजबूत समर्थन प्रणव की सफलता के पीछे की सबसे बड़ी ताकत रही। प्रणव की माता ने भी बेटे की शिक्षा के लिए बहुत त्याग किया। परिवार के सभी सदस्यों ने मिलकर प्रणव की पढ़ाई को प्रोत्साहित किया। कठोर परिश्रम, निरंतर अध्ययन, अनुशासित जीवनशैली और लक्ष्य के प्रति अटूट समर्पण के कारण प्रणव इस सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचे। इस सफर में कई कठिनाइयाँ आईं, लेकिन दृढ़ निश्चय और लगन के बल पर उन्होंने हर चुनौती का सामना किया। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रणव मोर की यह सफलता अत्यंत प्रेरणादायी बन गई है। बड़े शहरों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों से प्रतिस्पर्धा करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर सफलता प्राप्त कर सकते हैं, इसका उत्कृष्ट उदाहरण प्रणव ने प्रस्तुत किया है। इसलिए आज अनेक विद्यार्थी और अभिभावक प्रणव की सफलता को प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं। प्रणव मोर की इस उल्लेखनीय उपलब्धि से पाचोरा शहर सहित पूरे तालुके में आनंद और गर्व का वातावरण बना हुआ है। विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और व्यापारी क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने प्रणव को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी हैं। शिक्षक, मित्र और नागरिकों ने भी उनकी सफलता का अभिनंदन किया है। पाचोरा जैसे शहर से अखिल भारतीय स्तर पर इतनी बड़ी सफलता प्राप्त करना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। प्रणव की उपलब्धि के कारण तालुके की शैक्षणिक क्षमता की ओर पूरे देश का ध्यान आकर्षित हुआ है। परिवार के सदस्यों ने भावुक होकर कहा कि यदि आज उनके पिता जीवित होते तो बेटे की इस सफलता पर उनकी आँखों में गर्व के आँसू आ जाते। हालांकि उनका आशीर्वाद ही प्रणव की सफलता के पीछे की सबसे बड़ी प्रेरणा रहा है। प्रणव राजेश मोर की इस शानदार उपलब्धि से पाचोरा तालुका का नाम देशभर में उज्ज्वल हुआ है। उनकी सफलता से अनेक युवाओं को प्रेरणा मिली है और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए वे निश्चित ही प्रेरणास्रोत बनेंगे। भविष्य में भी प्रणव मोर देश के आर्थिक और व्यावसायिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगे, ऐसा विश्वास व्यक्त किया जा रहा है। इस उल्लेखनीय सफलता के लिए प्रणव राजेश मोर और मोर परिवार को ध्येय न्यूज व झुंज समाचार पत्र के संपादक संदीप महाजन तथा उनके परिवार की ओर से हार्दिक बधाई दी गई है और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ व्यक्त की गई हैं।

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