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पाचोरा – देश की सीमाओं पर जारी ऑपरेशन सिंदूर जैसी महत्त्वपूर्ण सैन्य कार्रवाई से प्रेरणा लेकर, पाचोरा शहर में सामाजिक एकजुटता व देशभक्ति का अनुपम उदाहरण साकार करण्यात आया। पाचोरा नगर परिषद, रोटरी क्लब पाचोरा-भडगांव और पाचोरा डॉक्टर्स एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 14 मई 2025 को बुधवार सुबह 8 से 12 बजे तक छत्रपती शिवाजी महाराज चौक स्थित हुतात्मा स्मारक पर ऑपरेशन सिंदूर रक्तदान अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान को शहरवासियों, युवाओं और समाजसेवियों से जबरदस्त प्रतिसाद मिला और कुल 51 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।इस अवसर पर पाचोरा नगर परिषद के मुख्याधिकारी मंगेश देवरे, उपमुख्याधिकारी दुर्गेश सोनवणे, नगर परिषद के अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित रहे। अभियान के आयोजन में रोटरी क्लब पाचोरा-भडगांव के अध्यक्ष डॉ. पवनसिंह पाटिल, सचिव शिवाजी शिंदे, तथा प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. गोरख महाजन ने विशेष भूमिका निभाई। इनके साथ चंद्रकांत लोढाया, भरत सिनकर, प्रदीप पाटिल, निलेश कोटेचा आदि क्लब के सदस्य भी सक्रिय रूप से सहभागी रहे।पाचोरा डॉक्टर्स एसोसिएशन की ओर से डॉ. मुकेश तेली, डॉ. अजयसिंह परदेशी, डॉ. अमोल जाधव जैसे प्रतिष्ठित डॉक्टरों ने अपने बहुमूल्य समय व सेवाएं प्रदान कीं। इनका योगदान अभियान को सफल बनाने में अत्यंत सराहनीय रहा।रक्त संग्रहण कार्य में रेड प्लस सोसायटी, जलगांव की ओर से डॉ. रविंद्र पाटिल, डॉ. अमोल पाटिल, डॉ. दीपक पाटिल एवं नर्स वैष्णवी ने अपना महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया। रक्तदाताओं की प्राथमिक जांच, रक्तचाप, हीमोग्लोबिन आदि की जांच कर उनका संपूर्ण स्वास्थ्य मूल्यांकन किया गया।इस अभियान की विशेष बात यह रही कि यह सिर्फ एक औपचारिक रक्तदान शिविर नहीं था, बल्कि इसमें देशभक्ति की भावना और समाज के प्रति उत्तरदायित्व का जीवंत अनुभव दिखा। ऑपरेशन सिंदूर में अपनी जान की बाजी लगाने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान दर्शाने हेतु शहरवासियों ने रक्तदान करके एक अनोखा समर्थन व्यक्त किया।रक्तदान करने वालों में युवा छात्र, महिलाओं के साथ-साथ बुजुर्गों का भी समावेश रहा। कुछ रक्तदाताओं के परिजन वर्तमान में सेना में कार्यरत हैं – उनमें से एक वृद्ध नागरिक ने भावुक होकर कहा, “मेरा बेटा सीमा पर देश की सेवा कर रहा है, और मैं यहाँ समाज के लिए रक्तदान कर उसकी तरह कर्तव्य निभा रहा हूँ।”सभी रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र व धन्यवाद पत्र प्रदान किए गए। साथ ही अभियान स्थल पर आरोग्य जांच शिबिर, जनजागृति पोस्टर्स और डॉक्टरों द्वारा मार्गदर्शन सत्र भी आयोजित किए गए।इस संपूर्ण उपक्रम के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश मिला कि देशसेवा केवल बंदूक उठाने से नहीं, बल्कि रक्तदान जैसे शांतिपूर्ण माध्यमों से भी की जा सकती है।“ऑपरेशन सिंदूर” का सामाजिक रूप यही है – सैनिक सीमा पर लड़ते हैं, तो नागरिक समाज की नसों में जीवन दौड़ाते हैं।








































